ग्रामीण विकास मिशन के लिए ₹95,692 करोड़ का बड़ा आवंटन

ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (VB-G RAM G) के तहत 95,692 करोड़ रुपये के अंतरिम आवंटन की घोषणा की गई है। इस फैसले का उद्देश्य ग्रामीण रोजगार, आजीविका, आधारभूत ढांचे और सामाजिक विकास को नई गति देना है।
सरकार का दावा है कि इस नई व्यवस्था से गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और विकास कार्यों की रफ्तार तेज होगी।
मनरेगा से नए मिशन की ओर बदलाव
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ बैठक के बाद इस योजना की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) से VB-G RAM G मिशन की ओर बढ़ रहा है।
हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस बदलाव के दौरान मजदूरों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी और रोजगार उपलब्धता में कोई रुकावट नहीं आएगी।
किन राज्यों को मिला सबसे ज्यादा आवंटन?
इस अंतरिम आवंटन में सबसे बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश को मिला है। राज्य के लिए 9,721.48 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसके बाद पश्चिम बंगाल को 8,508 करोड़ रुपये, आंध्र प्रदेश को 7,707.21 करोड़ रुपये, तमिलनाडु को 7,585.49 करोड़ रुपये, राजस्थान को 7,581.87 करोड़ रुपये और बिहार को 6,715.83 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
राज्यों के लिए कुल 92,550.17 करोड़ रुपये और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 1,291.52 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा प्रशासनिक और सामाजिक लेखा परीक्षण कार्यों के लिए भी अलग राशि रखी गई है।
रोजगार और आजीविका को मिलेगा नया आधार
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन केवल आय बढ़ाने का माध्यम नहीं है, बल्कि पलायन रोकने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का भी महत्वपूर्ण साधन है।
VB-G RAM G मिशन के जरिए सड़क, आवास, डिजिटल कनेक्टिविटी और सामुदायिक संसाधनों के विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे गांवों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और लोगों को स्थानीय स्तर पर अधिक अवसर मिल सकेंगे।
राज्यों को पूरी करनी होंगी औपचारिकताएं
केंद्र सरकार ने राज्यों को योजना लागू करने के लिए कुछ जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इनमें योजना का नोटिफिकेशन जारी करना, लाभार्थियों की ई-केवाईसी, राज्य स्तरीय नियम बनाना और जागरूकता अभियान चलाना शामिल है।
बताया गया है कि अधिकांश राज्यों ने आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं, जबकि कुछ राज्यों में प्रक्रिया अभी जारी है।
पश्चिम बंगाल को लेकर भी साफ हुआ रुख
पश्चिम बंगाल और केंद्र के बीच ग्रामीण विकास फंड को लेकर लंबे समय से विवाद चलता रहा है। इस मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि पुराने बकाया भुगतान से जुड़े मामले अभी लंबित हैं, लेकिन नई योजना के लिए राज्य सरकार ने केंद्र की शर्तों का पालन करने की सहमति दी है।
उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत पश्चिम बंगाल को भी निर्धारित आवंटन मिलेगा और जुलाई से VB-G RAM G मिशन के तहत नया फंड जारी होगा।
ग्रामीण भारत के भविष्य की नई नींव
ग्रामीण विकास भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। ऐसे में 95,692 करोड़ रुपये का यह आवंटन केवल एक बजटीय घोषणा नहीं, बल्कि गांवों की आर्थिक और सामाजिक तस्वीर बदलने की दिशा में बड़ा निवेश माना जा रहा है।
यदि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो यह मिशन रोजगार, बुनियादी सुविधाओं और आजीविका के क्षेत्र में ग्रामीण भारत के लिए एक नया अध्याय साबित हो सकता है।